भूकंप(Earthquake)
भूकंप एक ऐसी प्राकृतिक आपदा जिस पर किसी का जोर नही चलता. यह प्राकृतिक आपदा बिना कहे किसी भी जगह आजाती है जोकि, भारी जन-धन की हानि के साथ सब दूर तबाही मचा देती है.
भूकंप क्या है?
भूकंप, पृथ्वी की निचली सतह मे, अचानक से कंपन्न उत्पन्न होना जिससे, पृथ्वी की सतह भाग की परतों मे गैसों के असंतुलन के कारण जो वेग उत्पन्न होती है, उन्हीं वेगों के माध्यम से संपीडन उत्पन्न होता है. तथा धरातल की उपरी सतह पर हलचल शुरू होती है. उसके साथ ही वेगों की तीव्रता की गति के अनुसार, पृथ्वी की उपरी सतह फटना व धीरे-धीरे धसना शुरू होती है. कभी-कभी भूकंप की तीव्रता की गति इतनी होती है कि, भवन,इमारते गिर जाती है. जलाशयों मे उफान आ जाता है तथा कई बार सुनामी तथा भूस्खलन तक का कारण भी भूकंप बन जाता है.
भूकंप को सिसमोमीटर से नापा जाता है.
भूकंप की गणना रिएक्टर मे होती है. दो-तीन रिएक्टर सामान्य माना जाता है जबकि, सात तथा उससे रिएक्टर बहुत ही तीव्र व खतरनाक भूकंप माने जाते जो कि, भारी तबाही के रूप होते है.
भूकंप का कारण
भूकंप उत्पन्न होने का मुख्य कारण ही तरंग होता है. धरातल की निचली सतह मे तरंगों का उत्पन्न होना, उन्ही तरंगो का असर उपरी सतह पर दिखाई देता है. बिल्कुल उसी तरह तरंगो की तीव्रता आने वाले भूकंप का असर दिखाती है.
तरंग के प्रकार
- प्राथमिक तरंग (Primary or P waves)
- माध्यमिक तरंग (Secondary, S or Shear Waves)
- सतह तरंग (L or Surface Waves)
भूकंप से सुरक्षा कैसे करे?
- भूकंप के आते ही जैसे ही हलका सा भी कंपन्न महसूस करे घर ,ऑफिस या बंद बिल्डिंग से बहार रोड पर या खुले मैदान मे खड़े हो जाये.
- घर मे गैस सिलेंडर तथा बिजली का मेन स्वीच निकाल दे.
- ना तो वाहन चलाये , न ही वाहनों मे यात्रा करे.
- कही भी सुरक्षित तथा ढके हुए स्थान पर खड़े हो जाये.
- किसी भी गहराई वाले स्थान, कुए ,तालाब,नदी,समुद्र, तथा कमजोर व पुराने घर के पास खड़े ना होए.
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